Wednesday, December 1, 2021

मध्यप्रदेश – देवरी नवीन जहां कभी रोजाना बनती थी शराब, अब वह गांव हुआ नशामुक्त

   जबलपुर जिले के शहपुरा विकासखंड के चरगंवा क्षेत्र में जंगलों के बीच बसे करीब 1500 की आबादी वाले देवरी नवीन ग्राम पंचायत में पहले जहां हर घर में लोग रोजाना शराब बनाने और पीने के आदी थे, साथ ही यहां देशी शराब खुले में भी बेची जाती थी। वहीं अब पूरी ग्राम पंचायत नशामुक्त है।
ग्राम पंचायत भवन के परिसर में आज गांधी जयंती दो अक्टूबर पर आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने हाथ उठाकर एक बार फिर से नशामुक्ति का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नशामुक्ति के संकल्प से प्रेरित होकर आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत देवरी नवीन में संपूर्ण नशाबंदी लागू की गई है। स्थित ये है कि आज देवरी नवीन ग्राम पंचायत नशामुक्ति के मामले में आस-पास की पंचायतों के लिए भी एक मिसाल बन गई है। प्रशासनिक समिति के प्रधान श्री रामकुमार सैयाम ने बताया कि देवरी नवीन पंचायत में बाड़ीवारा, तिन्हैटा और देवरी तीन गांव हैं।
देवरी नवीन के प्रशासनिक प्रधान श्री सैयाम और यहां की सशक्त महिला समिति की अनूठी पहल से समूची पंचायत नशामुक्त हुई है। पंचायत सचिव श्री संदीप जैन बताते हैं कि गांव में पहले कई लोग शराब के आदी थे। जिससे गांव में लड़ाई-झगड़े होते थे और युवा पीढ़ी भी नशे की चपेट में आ रही थी। इस कारण गांव की शांति भंग हो रही थी। ऐसे में पहले लोगों को नशा छोड़ने की समझाईश दी गई। इसके बाद घर में शराब बनाते या पीते पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। गांव की महिलाओं ने इसमें बढ़-चढ़कर भागादारी निभाई। घर के पुरुषों और युवाओं पर नजर रखी जाने लगी। गांव के माहौल में परिवर्तन की अग्रदूत बनी ग्रामीणों की सामूहिक संकल्प शक्ति। नतीजा यह हुआ कि अब गांव में खुशहाली है, आपसी सौहार्द्र का वातावरण बना है, गांव में पारिवारिक झगड़े और विवाद भी अब प्राय: नहीं होते।

महिलायें और बच्चे खुश

नशाबंदी के बाद अब यहां की महिलायें भी बेहद खुश हैं क्योंकि अब उनके पति उनसे झगड़ा नहीं करते, खेती-किसानी और मेहनत मजदूरी के काम में बराबरी से हाथ बंटाते हैं। वहीं बच्चे भी प्रसन्न हैं क्योंकि उनके पिता अब उनके साथ हंसी-खुशी से शाम का खाना खाते हैं।

खूब हुए विकास कार्य

देवरी नवीन ग्राम पंचायत में प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन और आंगनबाड़ी केन्द्र की एक ही परिसर में पक्की बिल्डिंग है। पंचायत में जल संरक्षण व संवर्धन की दृष्टि से दो चेक डैम, 4 तालाब और 4 खेत तालाबों सहित पानी से लबालब भरे दो शानदार कुएं बने हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यहां 157 हितग्राहियों का पक्का घर बन चुका है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से 114 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। गांव में पक्की सीमेन्टेड सड़क भी बनी है।

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