Thursday, December 2, 2021

भारत और अमेरिका ने क्लाइमेट एक्शन एंड फाइनेंस मोबिलाइजेशन डायलॉग (सीएएफएमडी) का शुभारम्भ किया

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) ने आज जलवायु कार्यवाही एवं वित्तीय संग्रहण संवाद यानी “क्लाइमेट एक्शन एंड फाइनेंस मोबिलाइजेशन डायलॉग (सीएएफएमडी)” का शुभारम्भ किया। सीएएफएमडी अप्रैल, 2021 में जलवायु पर लीडर्स समिट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति श्री जोसेफ बाइडेन द्वारा लॉन्च भारत-अमेरिका जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 भागीदारी के दो ट्रैक में से एक है।

 

 

 

नई दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और अमेरिका के राष्ट्रपति के जलवायु पर विशेष दूत (एसपीईसी) श्री जॉन केरी ने इस संवाद का औपचारिक रूप से शुभारम्भ किया था।

इस अवसर पर अपने संबोधन में, श्री यादव ने कहा कि संवाद से न सिर्फ भारत-अमेरिका की जलवायु और पर्यावरण पर द्विपक्षीय भागीदारी को मजबूती मिलेगी, बल्कि इससे यह प्रदर्शित करने में भी सहायता मिलेगी कि कैसे दुनिया राष्ट्रीय परिस्थितियों और सतत् विकास की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए समावेशी और लचीले आर्थिक विकास के साथ जलवायु पर तत्परता से एकजुट हो सकती है।

पर्यावरण मंत्री ने दो परिपक्व और जीवंत लोकतंत्रों द्वारा साझा किए गए गहरे संबंधों पर जोर देते हुए कहा, “भारत और अमेरिका साझा मूल्यों के साथ स्वाभाविक भागीदार हैं और हमारे एजेंडे में रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हमारी रणनीतिक प्राथमिकताओं के सभी प्रमुख स्तंभ शामिल हैं।”

 

DSC_4568.JPG

 

“क्लाइमेट एक्शन एंड फाइनेंस मोबिलाइजेशन डायलॉग (सीएएफएमडी)” के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री केरी ने 2030 तक 450 गीगावॉट नवीनीकृत ऊर्जा हासिल करने का बड़ा लक्ष्य तय करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की और भारत को 100 गीगावॉट हासिल करने के लिए भारत को बधाई दी।

 

अमेरिका के जलवायु दूत ने यह दिखाने के लिए भारत के नेतृत्व की भूमिका की सराहना की कि कैसे आर्थिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा पर एक साथ काम किया जा सकता है और उन्होंने कहा कि ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन वक्त की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका स्वच्छ ऊर्जा को तेजी से लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

 

DSC_4593.JPG

 

शुभारम्भ से पहले एक द्विपक्षीय बैठक हुई, जहां दोनों पक्षों ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए), एग्रीकल्चर इनोवेटिव मिशन फॉर क्लाइमेट (एआईएम4सी) सहित सीओपी26, जलवायु महत्वाकांक्षा, जलवायु वित्त, वैश्विक जलवायु पहलों से संबंधित जलवायु मुद्दों पर व्यापक विमर्श किया।

Related Articles

कमेंट करे

कमेंट करें!
अपना नाम बताये

हमसे जुड़े

4,398फैंसलाइक करें
2,488फॉलोवरफॉलो करें
1,833सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें
- Advertisement -spot_img

ताज़ा खबरे